Belief system kya hai ? || बिलीफ सिस्टम क्या होता है ?

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यहां पर बिलीफ सिस्टम का मतलब है-” मान जाना ” | अर्थात हम लोगों के किसी भी बात को मान लेते हैं कि वह सही बोल रहा है | इसे मैं एक उदाहरण से समझाना चाहूंगा,  एक छोटी सी बच्ची होती है जो स्कूल से घर आ रही होती है |रास्ते में कुछ बच्चे उसे घेर लेते हैं उसे खूब मारते पीटते हैं |उसे बोलते हैं तुम जिंदगी में कुछ नहीं कर सकती हो, बहुत बुरी हो |

           तुम बहुत गंदी हो , इस दुनिया की सबसे बेकार लड़की हो | जब वह बच्ची धीरे-धीरे बड़ी होती गई | तो वह यह मान लेती है कि वह इस दुनिया की सबसे बेकार बच्ची है |वह लाइफ में सब कुछ अच्छा कर रही थी | उसके स्कूल में मार्क्स बहुत अच्छे आ रहे थे | अब उसके मार्क्स आने कम हो जाते हैं |

Understand of Belief system 

        वह लोगों से बहुत अच्छा बातचीत करती थी | अब लोगों से बातचीत करना बंद कर देती है | क्योंकि उसने मान लिया जो लोगों ने बोला कि वह दुनिया की सबसे बेकार लड़की है |अभी तक लोगों ने आपके बारे में जो कुछ भी बोला है या आपने आसपास से जो भी बिलीफ सिस्टम अपनाया है |

       आपको यह समझना है कि वह सही है या गलत है | Totally आपके BELIEF SYSTEM पर आपके विचार बने हैं और आपके विचारों से ही आपकी जिंदगी बनी है | यह बिलीफ सिस्टम किसी भी विचार का एक आधार (Base) है | हमें अपने बिलीफ सिस्टम को बदलना बहुत जरूरी है |कुछ लोग बोलते हैं कि मेरी खुशी इस पर डिपेंड करती है, मेरी खुशी इस चीज पर डिपेंड करती है |कुछ लोग बोलते हैं मुझे आईफोन मिल जाएगा तो मैं खुश हो जाऊंगा | कुछ लोग बोलते हैं मुझे बंगला मिल जाएगा तो मैं खुश हो जाऊंगा | यह सब गलत बात है खुश होने के लिए किसी भी चीज की जरूरत नहीं है |

क्या आप जानते हैं कि आपकी खुशी किसी पर डिपेंड नहीं करती है | क्योंकि यह बॉडी का इनर पार्ट होता है खुशी अंदर से होती है | जब हमारी खुशी किसी पर डिपेंड नहीं करती तो हम किस चीज के लिए दूसरों पर डिपेंड क्यों रहे | अगर आप यह मानते हैं कि आप को लोगों की वजह से खुशी मिलती है तो यह आपका बिलीफ सिस्टम है और आपको यह समझना है कि यह सही है या गलत है | मैंने यहां जो बताया हो सकता है इसमें से आप बहुत से बिलीफ सिस्टम को मानते हो पर यहां पर आपको खुद समझना हैं कि क्या सही है और क्या गलत | जब हम एक जन्मे हुए बच्चे (Baby Born) होते हैं तब हमारे पास कोई बिलीफ सिस्टम नहीं होता है |

Belief 

यह बिलीफ सिस्टम (Belief System) कैसे बनता  हैं?

Belief System, यह बिलीफ सिस्टम सबसे पहले हमारे परिवार (Family) से बनता है उसके बाद हमारे Friend  सर्कल से बनता है उसके बाद हमारे टीचर से बनता है जो हमें सिखाते हैं |यह तीनों हमारे बिलीफ सिस्टम पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं | तो जैसी फैमिली में आप पैदा होते हैं आपका बिलीफ सिस्टम उन पर ही निर्भर करता है | ज्यादातर लोग Dual Belief System पर विश्वास रखते हैं|

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Dual Belief System क्या होता है ?

Dual Belief System, यह वह लोग होते हैं जो एक चीज को कभी नहीं मानते हैं बहुत सारी चीजों पर विश्वास रखते हैं | मैं आपको एक उदाहरण से समझाता हूं, एक दिन मेरी Mother एक पड़ोसी से बात कह रही थी कि वह पड़ोसी आकर बोलती है ( किसी दूसरे पड़ोसी के बारे में ) आपको पता लगा उनके यहां क्या हुआ | उनके कर्म ही फूटे थे इसलिए उनके साथ ऐसा हुआ | कुछ दिन बाद वहीं पड़ोसी फिर से घर पर आती है और बोलती है कि हमारे हमें बिजनेस में बहुत Loss हुआ | हमें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है | भगवान ने हमारे साथ ठीक नहीं किया | हमारे साथ भगवान ने बहुत गलत किया |

Focus on Words 

                          मैं आपको यही समझाना चाह रहा कि जब किसी दूसरे पड़ोसी के साथ गलत हुआ तो वह पड़ोसी बोलती है कि उनके कर्म ही फूटे थे और जब खुद के साथ गलत हुआ तो बोलती है कि भगवान हमारे साथ गलत किया  | लोग Dual Belief System पर विश्वास रखते हैं एक बार में अपने लिए कुछ और, दूसरे के लिए कुछ और बोलते हैं | जब सामने वाला गलती करे तो बोलते है जान बुझ के गलती कर रही है | और जब खुद से गलती हो जाए तो बोलते है मेरे से गलती हो गई | यही Dual Belief System है, कुछ भी मानो एक मानो और वही मानो जो सही है |

यहां पर सच्चाई (Truth) और बिलीफ (Belief)  में बहुत फर्क है |
जो Ultimate Truth है, Does not matter वह आपका Belief  हो |

 TRUTH ≠ BELIEF

जो ज्यादा इंटेलीजेंट पर्सन होते हैं उनका भी बिलीफ सिस्टम अच्छा हो, यह भी जरूरी नहीं |

 INTELLIGENT ≠  BELIEF           

आप जिस भी क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं सबसे महत्वपूर्ण बात है आप अपने बिलीफ सिस्टम (Belief System) को बदलें | क्योंकि आपके विचार किसी क्षेत्र में सफल होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है | 

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