Moral Stories In Hindi Top 5 Best – बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कहानियाँ।

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Moral Stories In Hindi

Today I have brought Top 5 Moral Stories in Hindi for you people. Which your children will understand in easy and simple language. These stories have been written only for the purpose of teaching children. You all know how much children like stories. So let’s start.

Top 5 Moral Stories In Hindi 

मुर्गे की अक्ल लगी ठिकाने :

एक समय की बात है। एक गांव में ढेर सारे मुर्गे रहते थे। गांव के एक बच्चे ने एक मुर्गे को बहुत तंग किया। मुर्गा इतना गुस्सा हुआ की उसने फैसला ले ही लिया। की अब वो सुबह बांग नहीं देगा। तभी सबको उसकी अहमियत का पता चलेगा। दूसरे दिन मुर्गा वही करता है। जो उसने सोचा था। लेकिन सभी लोग समय पर उठ कर अपना अपना काम करने लग जाते है। मुर्गे की अकाल ठिकाने लग जाती है। वह समझ जाता है की किसी के होने या ना होने से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। सबका काम चलते रहता है।

Moral Of the short Hindi Stories : घमंड नहीं करना चाहिए। आपकी अहमियत लोगो को बिना बताये ही चलना चाहिए।

सारस ,कौवा और शिकारी की कहानी :

बरगद के पेड़ पर सारस रहता था वह बहुत ही नेक दिल का था कुछ दिन बाद उसने एक कौवे से मित्रता कर ली। खोवा कुटिल था और गंदी सोच रखने वाला था। और उसके अन्य मित्रों ने उसे आगाह भी किया की दुष्ट की संगत अच्छी नहीं होती पर सारस उनकी बात को चलता रहा। एक दिन एक थका हुआ गर्मी से परेशान होकर एक शिकारी उस पेड़ के नीचे से गुजरा जिस पर सारस हमेशा बैठा करता था। उस शिकारी ने देखा इस पेड़ की बहुत ही अच्छी घनी छाया है चलो थोड़ा आराम कर लेता हूं। और यह निश्चय करके वह उस पेड़ के नीचे लेट गया।

उसकी आंख लग गई। सारस ने शिकारी पर पढ़ती धूप को देखा। तो उससे रहा न गया। और उसने अपने पंख फैला दिए। जिससे शिकारी के चेहरे पर धूप पड़ने बंद हो गई। सारस की नेकी देखकर कौआ हँसा और उसने उस शिकारी के ऊपर बीट कर दी। जो शिकारी के मुंह पर गिरी। और कौआ वहां से तुरंत उड़ गया। पर सारस पंख फैलाए हुए बैठा रहा। बीट पढ़ते ही शिकारी की नींद उचट गई और आंख खुलते ही उसे अपने ऊपर सारस नजर आया। उसने क्रोध में चमक कर धनुष पर बाण चढ़ाकर तीर मारा जिससे सारस मर कर नीचे गिर पड़ा।

Moral Short Hindi Stories : कभी भी बुरे मित्र के साथ मित्रता नहीं करनी चाहिए।

तीन चूहों की कहानी :

एक बनिया के घर में 3 चूहे रहते थे। 1 दिन 3 चूहों को एक बड़े और ऊंचे पात्र में तेल की गंध मिली और वे उसे पीने के लिए बहुत ही व्याकुल थे। लेकिन तेल तो बर्तन की सतह से लगा हुआ था। चूहों ने सोचा , वे बारी-बारी से एक दूसरे की पूछ पकड़ कर नीचे उतर आएंगे, और अपने – अपने हिस्से का तेल पी लेंगे। तीनों ने मिलकर कसम खाई की हुए स्वार्थी नहीं बनेंगे।और एक दूसरे की बात मानेंगे। और वह तेल पीने के लिए चल दिए। वे एक -दूसरे की पूछ पकड़ कर पात्र में लटक गए।

Motivational Stories in hindi सोच बदल देने वाली कहानी

सबसे पहले तेल पीने वाले चूहे ने सोचा , ” तेल तो काफी कम है, क्यों ना सारा तेल मैं ही पी लूं। ” बीच वाले चूहे ने सोचा ‘ अगर नीचे वाले ने सारा तेल पी लिया। तो मेरे लिए कुछ भी न बचेगा, क्यों न में कूदकर उससे पहले तेल पी लूं। ठीक यही बात पीछे वाले चूहे ने सोची और दोनों बिना आगा पीछा सोचे उस पात्र में कूद पड़े। नतीजा यह हुआ की तीनों उस गहरे पात्र में गिर पड़े , जहां से वह फिर कभी नहीं निकल सके। और वही उसी पात्र में अपने प्राण गंवाने पड़े।

Hindi Story of Moral : किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में हमें एक दूसरे का साथ देना चाहिए। स्वार्थी नहीं बनना चाहिए क्योंकि स्वार्थ कभी-कभी हमारे लिए ही नुकसानदायक हो जाता है।

ब्राह्मण की पत्नी और नेवला :

एक ब्राह्मण, उसकी पत्नी और उसका लड़का एक छोटे से गांव में रहते थे। उनके पास एक पालतू नेवला था जो उनके साथ रहता था। एक दिन, जब ब्राह्मण काम पर था, उसकी पत्नी ने बच्चे को पालने में छोड़ दिया और पानी का एक बर्तन लाने के लिए चली गयी । जब तक वह बाहर गई , उसने नेवले को बच्चे की देखभाल करने के लिए कहा। जब नेवला बच्चे की देखरेख कर रहा था, उसी समय घर में एक सांप आ गया। जैसे ही नेवले ने सांप को देखा उसने उस पर आक्रमण कर दिया और उसे मार दिया।

जैसे ही ब्राह्मण की पत्नी पानी का बर्तन लेकर घर लौटी। नेवले ने उसके मुंह पर रक्त के साथ खुशी से उसका स्वागत किया। महिला उसे देख कर डर गई, और उसने सोचा कि नेवले ने बच्चे को मार दिया है। बिना कुछ सोचे समझे घुस्से से, महिला ने नेवले पर पानी के बर्तन को गिरा दिया और एक छड़ी से उसे मार दिया। बाद में वह अंदर गई और बच्चा खुशी से पालने में खेलता मिला। महिला को एहसास हुआ कि उसने यह क्या किया और उसे बिना सोचे-समझे कर्म के लिए पश्चाताप हुआ ।

Moral of Stories : कुछ भी बड़ा करने से पहले सोच समझकर कदम उठाना चाहिए। बिना किसी चीज को अपनी आँखों से देखे ना मानें।

जीतने की जिद :

एक गांव में सुरभि नाम की एक लड़की रहती थी। सुरभि का चयन एयरफोर्स में हो गया था। और इस बात को लेकर उसके गांव वाले बड़े आश्चर्यचकित थे। किसी ने सोचा भी नहीं था। कि एक छोटे से गांव की कमजोर वर्ग की लड़की एक दिन पूरे गांव का नाम रोशन करेगी। एक बार एयर फोर्स के कुछ अफसरों का जत्था एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए जा रहा था।

सुरभि को भी उसमें शामिल किया गया| हालांकि उसे पर्वतारोहण का कोई भी अनुभव नहीं था। सुरभि कड़ी मेहनत करने लगी और कुछ ही महीनों में वह अपने दोस्तों के साथ एवरेस्ट के पहले बेस कैंप पर पहुंच गई। एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए पांच अलग-अलग पड़ाव पार करने होते हैं। उसने हार नहीं मानी और मजबूती से चलती रही। पर अंतिम पड़ाव पर आकर वह बहुत थक गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उसकी टीम के लीडर ने उसे वहीं से लौट जाने का आदेश दिया।

Tenali Rama Stories Hindi। तेनालीरामा के चतुराई भरी कहानियाँ।

सुरभि ने जिंदगी में पहली बार हार का सामना किया था। वह जब वापस अपने गांव लौटी तो गांव वालों ने उसका बड़ा अपमान किया और उसकी मजाक उड़ाई। उस दिन उसने तय कर लिया कि जब तक मैं एवरेस्ट की चढ़ाई नहीं करूंगी, जिंदगी में और कुछ नहीं करूंगी। लंबी छुट्टी लेकर सुरभि अपने पैसों से एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए पहुंच गई। इस बार जोश कई गुना ज्यादा था। उसने जीवन भर की सारी जमा-पूंजी इस पर लगा दी थी। एक बार फिर अंतिम पड़ाव तक पहुंच गई लेकिन इस बार भी अंतिम पड़ाव पर जाकर उसके हौसले पस्त होने लगे। साथ ही मौसम भी खराब होने लगा।अब सुरभि के सामने चुनौतियां ज्यादा थी।

जिंदगी की पूरी कमाई, गांव वालों की इज्जत, माता-पिता का विश्वास और अपने भीतर की खुशी एक सवाल बन कर उस की आंखों के सामने तैर रही थी। उसने तय किया कि चाहे कुछ भी हो जाए अब वापस नहीं लौटना है। अगले 8 घंटे उसकी जिंदगी के सबसे कठिन समय थे। लेकिन फिर भी वह डटी रही और अंत में वह एवरेस्ट की चोटी तक पहुंच गई। जब सुरभि वापस अपने गांव लौटी तो गांव वालों ने दिल खोलकर उसका स्वागत किया और उससे माफी भी मांगी।

Stroy Moral : लोग हमारी नहीं, बल्कि हमारी उपलब्धियों की कद्र करते हैं

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